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महिला मित्र ने रची थी जज और बेटे की हत्या की साजिश, हिंदी मूवी से कम नहीं है इंतकाम की ये कहानी

बैतूल: मध्य प्रदेश में चर्चित एडीजे और उनके बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को बैतूल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया हैं। जांच में जो जानकारी सामने आई है वह बेहद चौकाने वाली है। जज और उनकी मौत के पीछे उनकी महिला मित्र का हाथ था। महिला पूरे परिवार को मारना चाहती इसलिए तंत्रमंत्र के नाम पर जहरीला आटा दिया था। लेकिन किस्मत से एडीजे की पत्नी और छोटा बेटा इस घटना में बच गए। पुलिस ने महिला सहित कुल 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है। जिन्हें रिमांड लेकर आगे भी पूछताछ की जाएगी।

जहरीली रोटियां खाने से हुई मौत
बैतूल एसपी सिमाला प्रसाद ने मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि 26 जुलाई को एडीजे महेंद्र कुमार त्रिपाठी उनके बेटे अभियान राज त्रिपाठी की फूड पॉजनिंग से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। जांच के दौरान पता चला की एक परिचित महिला संध्या सिंह है जो छिंदवाड़ा की रहने वाली है और वहां एक एनजीओ का काम करती है। दस साल से इनका एडीजी से परिचय था और लंबे समय से मिलना जुलना भी था।

ऐसे जीता एडीजे का भरोसा
संध्या सिंह के ने एडीजे को बताया गया था की कुछ ऐसा तंत्र कर सकते हैं जिसके कारण उनके परिवार में कलह क्लेश चल रहा है और उनकी लगातार तबीयत खराब रह रही है ,उसमें काफी सुधार आ जाएगा। इन्हीं सब बातों को लेकर एडीजे को भरोसे में लिया। इसके लिए एडीजी को कहा कि आप अपने घर से आटा लेकर आएं और एक बाबा को जिसको संध्या सिंह जानती है। उनके द्वारा तंत्र मंत्र किया जाएगा और वह आटा तंत्र मंत्र कर घर में वापस पहुंच जाएगा और उसकी रोटी खाकर पारिवारिक शांति बनी रहेगी और उनके स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। एडीजी उसके जाल में फंस गए और घर से आटा लेकर महिला के अनुसार जो कहा किया।

ड्राईवर के साथ आटा लेकर खुद आई बैतूल
20 जुलाई को संध्या सिंह अपनी कार बैतूल आई और उसके साथ उसका ड्राइवर संजू और कमल थे योजना के तहत एक पन्नी में आटा वापस लाया गया। बैतूल सर्किट हाउस में जज महेंद्र त्रिपाठी और संध्या सिंह की एकांत में कार के अंदर दस मिनट चर्चा हुई। इस दौरान जज को पूजा वाला जहरीला आटा कष्टों के निवारण हेतु दिया गया। जज ने घर जाकर ये रोटी बनने वाले आटे में मिलवा दिया जिससे बनी रोटियों का सेवन करते ही एडीजे और उनके दोनों बेटों की हालत बिगड़ गई। दो-तीन दिन में उनकी बहुत ज्यादा तबीयत खराब हो गई एडीजे की 26 जुलाई की सुबह और उनके की 25 जुलाई की शाम बड़े बेटे की मृत्यु हो गई थी। हालांकि उनके छोटे आशीष राज त्रिपाठी को सिर्फ उल्टियां हुई और उसके बाद उनकी तबियत ठीक हो गई। क्योंकि उनकी पत्नी ने यह कह कर रोटी नही खाई की वे तंत्र मंत्र नहीं मानती और उन्होंने सिर्फ चावल खाया जिससे वे भी बच गई।

संध्या सिंह चढ़ी पुलिस के हत्थे
पुलिस जांच में पता चला कि संध्या सिंह स्वंय बैतूल आई और उसने एडीजे को आटा दिया जिसकी जानकारी पुलिस को मिली। संध्या सिंह का और एडीजे के बीच कुछ दिनों से विवाद हो गया था और उनके बीच लेन-देन भी था और एडीजी महेंद्र त्रिपाठी अपना पैसा वापस मांग रहे थे। यह भी बात सामने आई है कि एडीजे महेंद्र त्रिपाठी का परिवार बैतूल आ गया था जिससे चार माह से संध्या सिंह उनसे मिल नहीं पा रही थी। जिसको लेकर संध्या सिंह ने अपने साथियों के साथ मिल कर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस 6 आरोपियों के खिलाफ हत्या और साजिश का मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में संध्या सिंह उसका ड्राईवर संजू चंद्रवंशी, फूफा देवी लाल चंद्र वंशी, मुवीन खान, कमल गरीबा और तांत्रिक बाबा रामदयाल शामिल है। पुलिस ने संध्या सिंह की कार भी जब्त की है। पुलिस अभी और भी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है इस साजिश में कुछ और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

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