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जय वाजपेयी आठ साल में कैसे बन गया करोड़पति, यूपी सरकार ने दिए जांच के आदेश

लखनऊ। कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपित विकास दुबे भले ही पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो चुका है पर उसकी काली कमाई का साम्राज्य अब भी खड़ा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए अपने ठोस कदम बढ़ाए हैं। खासकर दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के खजांची जय वाजपेयी की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। साथ ही गहन जांच की जा रही है कि आखिरकार इलेक्ट्रानिक की छोटी सी दुकान संचालित करने वाला जय कांत वाजपेयी करोड़ों की संपत्ति का मालिक कैसे बन गया। उत्तर प्रदेश पुलिस को विकास दुबे के लाखों रुपये जय वाजपेयी के खाते में जमा कराने के प्रमाण मिले हैं, जिसके बाद उस पर कानूनी शिकंजा और कसने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने जय वाजपेयी की संपत्तियों की जांच के लिए प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग को पत्र लिखा है

कानपुर के नजीबाबाद क्षेत्र निवासी जय वाजपेयी को कानपुर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। कानपुर कांड में वह भी आरोपित है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार थाना नजीबाबाद के प्रभारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जय वाजपेयी के पिता के पास कुल सात बीघा जमीन है और जय पांच भाई हैं। जय ने इलेक्ट्रॉनिक की एक छोटी सी दुकान खोल रखी है। उसने वर्ष 2011 से 2019 के बीच सरकारी मूल्य की करीब 1.35 करोड़ की संपत्ति जुटाई है, जिसमें मकान, दुकान, प्लाट और अन्य संपत्ति खरीदी गई है।

इसके अलावा जय वाजपेयी के पास तीन लग्जरी गाड़ी हैं, जिनमें ऑडी, फॉर्च्यूनर और वरना अलग-अलग नामों से खरीदी गई हैं। इन वाहनों की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये है। उसके नाम पर रिवाल्वर का लाइसेंस भी है। वहीं, दुर्दांत विकास दुबे ने 30 नवंबर, 2019 को जय वाजपेयी के खाते में पांच लाख रुपये जमा कराए थे और इसी दिन जय की पत्नी श्वेता वाजपेयी के खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इससे साफ है कि काली कमाई से जय के संपत्तियां जुटाने की बात प्रथम दृष्टया सही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आठ साल में जय वाजपेयी करोड़ पति कैसे बन गया।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इन तथ्यों के सामने आने के बाद ही 25 जुलाई को प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) लखनऊ के संयुक्त निदेशक को पत्र लिखकर जय वाजपेयी की काली कमाई से जुड़ी संपत्तियों का ब्योरा साझा किया है और जांच कर कार्रवाई से शासन को अवगत कराने को कहा है। ऐसे ही मुख्य आयकर आयुक्त को पत्र लिखकर जय की संपत्तियों की जांच के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि जय की संपत्तियों की विस्तृत जांच के लिए एसएसपी कानपुर ने 24 जुलाई को शासन को पत्र लिखकर ईडी व आयकर विभाग को भी जांच में शामिल कराए जाने की मांग की थी।

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