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बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर सुनवाई, हाई कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

जयपुर। राजस्थान में जारी सियासी लड़ाई के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के छह सदस्यीय विधायक दल के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। कोर्ट ने राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल आरपी सिंह से कहा कि वे मामले में विधानसभा अध्यक्ष से पूरी जानकारी लें और अदालत को सूचित करें। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी इस संबंध में दायर याचिका खारिज कर चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। जानकारी के अनुसार दस्तावेजों की कमी को आधार बनाकर उन्होंने इस माह के शुरुआत में यह याचिका खारिज की थी।

सितंबर, 2019 में बसपा के छह विधायक लाखन सिंह, जोगेंद्र अवाना, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, राजेंद्र गुढ़ा और संदीप कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए थे। भाजपा विधायक मदन दिलावर ने अपने वकील आशीष शर्मा के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष मार्च, 2020 में बसपा विधायकों के विलय के खिलाफ याचिका दायर की थी। दिलावर ने इस संबंध में दायर याचिका पर कार्रवाई नहीं होने को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में विधानसभा अध्यक्ष, सचिव सहित बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को भी पक्षकार बनाया गया है।

स्पीकर ने अचानक याचिका खारिज कर दिया-दिलावर 

दिलावर का कहना है कि याचिका पर स्पीकर ने चार माह तक कोई निर्णय नहीं लिया और फिर अचानक इसे खारिज कर दिया, मुझे ही इसका अब पता चला है। याचिका दायर करते समय स्पीकर ने कहा था कि बसपा विधायकों का विलय पत्र मिल चुका है। उल्लेखनीय है कि इन विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बसपा के विधायकों को तोड़कर गैर भरोसेमंद और धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया है।

देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन, यूपी और दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष हिरासत में

राजस्थान में जारी सियासी लड़ाई के बीच कांग्रेस ने आज सभी राज्यों में राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। समाचार एजेंसी पीटीआइ ने इसकी जानकारी दी। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राजभवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, पीएल पुनिया समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा गुजरात में  लगभग 60 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को सोमवार को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। इसमें गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी भी शामिल हैं। बता दें कि भाजपा के खिलाफ पार्टी यह प्रदर्शन राजस्थान में गहलोत सरकार को गिराने की कथित साजिश को लेकर कर रही है।

कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को लिखा पत्र

कांग्रेस के सलमान खुर्शीद, अश्वनी कुमार और कपिल सिब्बल ने राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र को विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर पत्र लिखा।

विधायकों को व्हिप जारी करने पर राजस्थान बसपा प्रमुख ने क्या कहा

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार राजस्थान बसपा प्रमुख भगवान सिंह बाबा ने कहा कि विधायकों ने बसपा के टिकट पर चुनाव जीता है। इसलिए उन्हें व्हिप जारी किया गया है। विधायक कांग्रेस की गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते या उनके लिए वोट नहीं कर सकते। बसपा प्रमुख ने काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया है। हम उनके निर्देश पर काम कर रहे हैं। छह विधायकों ने बसपा के टिकट पर चुनाव जीता था। सीएम अशोक गहलोत ने इन सभी को कांग्रेस में मिला लिया। राजस्थान में ऐसा पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले यह 2008 में भी हुआ था

राज्यपाल ने लौटाई विधानसभा सत्र बुलाने से संबंधित फाइल

राजस्थान राजभवन ने विधानसभा सत्र बुलाने से संबंधित फाइल राज्य के संसदीय कार्य विभाग को वापस कर दी है। राजभवन ने राज्य सरकार से कुछ अतिरिक्त विवरण भी मांगी है। विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि गहलोत मंत्रिमंडल ने शनिवार को 31 जुलाई से विधानसभा का सत्र आहूत करने का नया प्रस्ताव राजभवन भेजा था। प्रस्ताव में राज्यपाल से आग्रह किया गया है कि सात दिन के नोटिस के साथ विधानसभा सत्र बुलाया जाए। कोरोना महामारी पर विशेष चर्चा और छह विधेयक पारित कराने को सत्र बुलाने का कारण बताया गया है। इसमें बहुमत साबित करने का जिक्र नहीं है।

व्हिप जारी करके बसपा ने कांग्रेस को दिया झटका

बसपा ने अपने विधायकों को व्हिप जारी करके कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी ने अपने सभी छह विधायकों को व्हिप जारी करके कांग्रेस के विरोध में वोट देने को कहा है। इसकी एक प्रति राज्यपाल को भी सौंप दी है।समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में एक प्रेस नोट जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।

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