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रक्षा मंत्री ने शहीदों को किया नमन, बोले- जवानों की शहादत प्रेरणा का स्त्रोत

नई दिल्ली। देश आज कारगिल विजय दिवस की सालगिरह मना रहा है। विजय दिवस की 21वीं वर्षगांठ पर पूरा देश भारत के वीर सपूतों के अदम्य साहस और कुर्बानी को याद कर रहा है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहिदों को नमन किया। नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कारगिल की ​विजय दिलाने वाले सेना के जवानों की शहादत सदैव हमारे लिए प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में काम करेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और तीनों सेना प्रमुखों ने कारगिल विजय दिवस की 21वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पराक्रम का विजयोत्सव

रजनाथ सिंह ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक दिन नहीं है बल्कि भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का विजयोत्सव है। राष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में हम जो कुछ भी करते हैं, वह हमेशा आत्मरक्षा के लिए करते हैं, आक्रमण के लिए नहीं। अगर दुश्मन देश ने कभी हमारे ऊपर आक्रमण किया, तो हमने यह भी साबित कर दिया कि कारगिल की तरह हम उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि इस देश को सुरक्षित रखने का कार्य अगर सीमा पर हमारे सैनिक कर रहे हैं, तो इसकी एकता, अखंडता और भाईचारे को बरकरार रखना हमारी जिम्मेदारी है।

दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक 

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सैनिकों की वीरता और साहस को सलाम किया। शाह ने ट्विटर पर लिखा कि कारगिल विजय दिवस भारत के गर्व, वीरता और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने ट्वीट किया कि कारगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। मैं उन शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहां पुनः तिरंगा लहराया। मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है।

राष्ट्र शहीदों का कृतज्ञ 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमारे सशस्त्र बलों की निडरता, दृढ़ संकल्प और असाधारण वीरता का प्रतीक है। मैं उन सैनिकों को नमन करता हूं जिन्होंने दुश्मन का मुकाबला किया और भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। राष्ट्र सदा के लिए उनका और उनके परिवारजनों का कृतज्ञ है।

पाकिस्तान को चटाई धूल

बता दें कि देश में हर साल 26 जुलाई को कारलिग युद्ध का विजय दिवस मनाया जाता है। भारतीय सशस्त्र बलों ने 26 जुलाई, 1999 को पाकिस्तान को युद्ध में हराया था। ऑपरेशन विजय में भाग लेने वाले सैनिकों के गौरव और वीरता को याद करने के लिए इसे विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों से भारतीय भूमि को मुक्त कराया गया था।

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